क्या खूब तमाशा होता है , तुमने पैसा फेंका क्या ?
जो दूसरो में खोजते हो, उसको खुद में कभी देखा क्या ?
क्या खूब तमाशा होता है , तुमने पैसा फेंका क्या ?
सब थक गए हैं चलते चलते, इतने कांटे रास्तो पर थे,(२)
कितने कांटे रस्ते पर तुमने बोये कभी सोचा क्या ?
क्या खूब तमाशा होता है , तुमने पैसा फेंका क्या ?
जब देख देख कर आँख थकी और बंद हुई तब ये देखा (२)
मन के सारे काले चेहरों में वो अंतिम चेहरा मेरा था क्या ?
क्या खूब तमाशा होता है, तुमने पैसा फेंका क्या ?
जो दूसरो में खोजते हो, उसको खुद में कभी देखा क्या ?
#1 by Siddharth on November 26th, 2009
Quote
Nice concept .
Nice thought.